रसूलल्लाह सल्ला अ वसल्लम ने फरमाया जब मुन कहते है अल्लाह अकबर अल्लाहु अकबर तो तुम में से किसी शख्स भी जवाब में कहते है अल्लाह अकबर अल्ला अ जब वो कहते अद अ ला इला इल्लल्लाह तो जवाब में बंदा भी कहता है अद अ ला इला इल्लल्लाह फिर वो कहता है
अशद अन्ना मुहम्मद रसूलल्लाह तो बंदा भी जवाब में कहता है अशद अन्ना मुहम्मद रसूलल्लाह फिर जब वो कहता है हयाल सला तो बंदा कहता है ला हौला वला कुवता इल्ला बिल्लाह इसका मतलब है ला हौल का मतलब हौल कहते हैं फिरना यानी बुराई से फिरना और
कुवा का मतलब नेकी की ताकत बुराई से हटने की ताकत और नेकी करने की ताकत मुमकिन नहीं है मगर अल्लाह की तौफीक से क्योंकि नमाज के लिए बुला रहा है ना तो अल्लाह से तौफीक मांगी जाती है ये कह के फिर वो कहता है सल्ला अ वसम फरमाया फिर वो कहता हैला
लालाला बल्लाह अल्ला अकबर अल्लाह अकबर अल्लाह अकबर अल्लाह अकबर वो भी जवाब में ये अल्फाज सेहर आता है ला इला इल्लल्लाह फिर वो भी जवाब में कहते है ला इलाहा इल्लल्लाह मिन कलही दिल से कहता है दखल जन्ना आजकल क्या खराबी हो रही है वल तो
कहा ही नहीं जा रहा चुप बैठने की तौफीक नहीं मिलती अजान का जवाब कौन देगा उससे अगला दर्जा ये कि कुछ नहीं बोलते कम से कम चुप बैठ जाओ थोड़ी देर के लिए तिलावत भी कर रहे हो तो अजान के वक्त उसको बेहतर है तर्क कर दिया जाए तीसरा दर्जा ये कि सुन
के जवाब भी दिया जाए चौथा दर्जा ये कि जवाब भी मिन कलबी
