मेरे ससुराल वालों ने शादी से पहले कहा था
कि हमारे घर की औरतें काम नहीं करती हैं
और अब मुझसे 24 घंटे काम करवाते रहते हैं
कल मम्मी जी कह रही थी कि सारा दिन घर में
ही पड़ी रहती हो करती क्या हो मैं जवाब
नहीं दे पाई वो दाल चढ़ाई थी ना और भाग के
छत से कपड़े भी उठाने जाना था मेरा तो
बचपन से ख्वाब था कि मैं अपनी डिग्रियां
चूल्हे में डाल के उन पर रोटियां सेक दूं
मेरे आने से घर में सब इतने खुश थे कि और
किसी चीज की जरूरत ही नहीं थी तो मम्मी जी
ने मेड को निकाल दिया पर ऐसा नहीं है कि
मुझ पर कोई जोर जबरदस्ती है मैं अपने मन
से चार जनों का काम अकेले ही करती मम्मी
जी कह रही हैं कि जब से आई है अपने माइ के
ही जाती रहती है पग फेरे थे घर पर सब कहते
थे कि जो भी ऐश करना और शादी के बाद करना
मेरा ऐश और अच्छे दिन दोनों से ही भरोसा
उठ सा गया है पर मम्मी जी मुंह पे
डायरेक्टली मुझे कभी कुछ नहीं बोलती है
सिर्फ पीठ पीछे शिकायतें करती हैं कभी
मुझसे खाने में नमक कम ज्यादा हो जाता है
तो उस बात को इग्नोर कर दिया जाता है उसका
इशू बनाने के बाद पर मेरे ससुराल वाले कभी
माइके की याद