ये क्या हो रहा है पापा कर
क्यों और ये क्या है
कद्दू बेल क्या बनाऊ कुछ
बनाओ कैसे मुझे तुम मिल
गई किस्मत पे आए
नायकी उतर राई झील में जैसे चांद
उतरता है कभी हौले
हौले तेरे
[संगीत]
से गुनगुनी धूप की तरह से तरन्नुम में
तुम छूके
मुझे गुजरी हूं यूं
