तौबा हो तौबा तू क्या बोला ड़ने रक मेरा दिल डोला हे रुख सुखी रोटी तेरे हाथों से खाके आया मजा बड़ा ठंडा ठंडा पानी तेरे आंगन का पी के छाया नशा बड़ा