आखिर एक बूंद से क्या हो सकता है कुछ ऐसा ही सोचती थी मैं वीडियोस बनाते टाइम लोग क्या सोचेंगे क्या किसी को मेरा काम पसंद भी आएगा ऐसे ना जाने कितने सारे सवाल और शुरुआत में ठीक वैसा ही हुआ अपने वीडियोस खुद ही देखती थी मैं लेकिन हर नए वीडियो में कोशिश थी पहले से बेहतर करने की और धीरे-धीरे ही सही लेकिन उसका रिजल्ट भी आया पहले एक व्यू फिर 10 और 100 हजार 10000 से होता हुआ यह सफर 1 लाख से 1 मिलियन तक भी पहुंचा और आज 30 लाख लोगों से जुड़ने के बाद मुझे समझ आता है कि एक-एक बूंद से ही तो सागर बनता है और
