आज मेरे पड़ोस के भैया की शादी थी तो मुझे सुबह से गरमागरम खाने की खुशबू सुंगाई दे रही थी तो मेरी दादी ने मुझे बोला कि आज कुछ भी घर में नहीं पके ग जब हमें ₹1 का शगुन लिखा नहीं ही है तो हम वहीं से भर पेट खाके आएंगे तो मैंने दादी को बोला दादी पर मुझे तो अभी भूख लग रही है तो दादी ने बोला जा जाकर चुपचाप से थोड़ा सा बना ले ज्यादा बिल्कुल मत बनाना क्योंकि हम इतनी बड़ी रकम शगुन में लिखा आएंगे तो हमें तो खाना खाना ही है तो दादी की बात सुनने के बाद मैं आई किचन में तो मुझे ध्यान आया कि चल तो मैगी चैलेंज रहा है तो क्यों ना समोसे बना लिए जाए मैगी के तो मैं ये बना ही रही थी उतने में बाहर से किसी की पिटने की आवाज आ रही थी तो मैंने सोचा लग रहा है शादी की तैयारी जोर-शोर से शुरू होने लग गई और बैंड बाजे बजने लग गए तो मैंने सोचा क्यों ना बाहर झांक कर देख लिया जाए कि कैसी तैयारी है तो मैंने बहर देखा कि भैया के पापा हमको बुलाने आए थे तो उन्होंने सोचा कि दादी का आशीर्वाद ले लिया जाए पर दादी बिना चश्मे के आंगन में बैठी थी और रात का समय था जैसे ही वो आशीर्वाद लेने आए तो दादी ने सोचा कोई जानवर है और उन्होंने छड़ी निकाल कर उनकी दुनाई
