ये मस्ती के नजारे हैं तो ऐसे में कल्ला कैसा मेरी कसम जो लहराती डगरिया हो तो फिर क्यों ना चलू मैं बहका बहका रे मेरे जीवन में ये श्यामा आई है मोहब्बत वाले जमाने लिए हो चला जाता हूं किसी की धुन में धड़कते दिल के राने लिए [संगीत]