How Skipping Meals Affects Physical Health | Khane K Doran Lamba Waqfa Dena Kitna Nuqsan Da Hy?

In this enlightening video, Ms. Maria Nadeem discusses how skipping meals affects physical health – Khane K Doran Lamba Waqfa Dena Kitna Nuqsan Da Hai? Viewers will gain valuable insights into the negative impacts of skipping meals on overall well-being.

Her expertise ensures a comprehensive examination of the topic, providing practical advice on maintaining a balanced diet and regular eating habits. Whether you’re curious about the consequences of meal skipping or seeking strategies for healthier eating, this video offers essential information. Don’t miss the opportunity to learn about the effects of skipping meals on physical health with Ms. Maria Nadeem.

To find more details, book an appointment, or take an online consultation with Ms. Maria Nadeem Khan, visit: https://www.marham.pk/doctors/lahore/clinical-nutritionist/ms-maria-nadeem-khan or call 03111222398.

MARHAM Website: https://www.marham.pk/
Marham on Twitter: https://twitter.com/marhampk
Marham on Facebook: https://www.facebook.com/marham.pk/

Download the #Marham App:

Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=controllers.marham.marhammed&hl=en
IOS: https://itunes.apple.com/pk/app/marham-find-a-doctor/id1095243102?mt=8

#MealSkipping #PhysicalHealth #MsMariaNadeem #DietaryHabits #HealthAwareness #HealthyEating #WellnessTips #BalancedDiet #MealManagement #nutritionalhealth

अस्सलाम वालेकुम एवरीवन दिस इज क्लिनिकल न्यूट्रिशस मारिया नदीम खान हियर आई एम करेंटली वर्किंग एट रेनबो ओबेसिटी एंड ईटिंग डिसऑर्डर सेंटर एंड अल्हम्दुलिल्लाह आई हैव मोर दन 10 इयर्स ऑफ एक्सपीरियंस इन द फील्ड ऑफ फूड एंड न्यूट्रिशन आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे लंबे वक्फ के

बारे में यानी कि खाने में लंबा वकफा जो है वह आपकी सेहत के ऊपर क्या मोजर सरात डाल सकता है बहुत ज्यादा आज कल देखा गया कि लाइफस्टाइल इतना बिजी हो गया है लोग अपने कामों में इतना बिजी हो गए हैं कि वह खाने पीने के टाइमिंग्स के ऊपर जो है वोह ध्यान

नहीं देते और नाश्ता किए बगैर जो है वो ऑफिस चले जाते हैं और अगर कुछ लोग नाश्ता करते हैं तो वो लंच का टाइम जो है वो बहुत ज्यादा लंबा हो जाता है तो इस तरह के जो मील ब्रेक्स आ रहे होते हैं अगर ये प्रोलों होना शुरू हो जाए तो हमारी फिजिकल

हेल्थ जो है वो कहीं ना कहीं मुतासिर हो रही होती है फिजिकल हेल्थ की अगर मैं बात करूं तो उसमें हमें बहुत सारी न्यूट्रिएंट डिफिशिएंसी का जो है वो सामना करना पड़ेगा क्योंकि ओबवियसली जब वो मील्स को प्रॉपर टाइम पे नहीं लेंगे प्रॉपर मील्स नहीं

लेंगे तो बैलेंस डाइट जो है वो उनकी बॉडी में नहीं जाएगी वो तमाम गजात जो उनकी बॉडी को चाहिए फिजिकल हेल्थ के पॉइंट ऑफ व्यू से चाहिए वो नहीं मिलेगी बहुत ज्यादा मिनरल्स की विटामिंस की जो है वो कमी हो जाएगी फिर जो बॉडी का फ्यूल हमें बेसिकली

कार्बोहाइड्रेट्स यानी कि नशा स्ता चाहिए होता है वो बॉडी को नहीं मिलेगा और जब ये बॉडी को नहीं मिलता तो हम हमारा जो है मूड लो होना शुरू हो जाता है हमारे अंदर एनर्जी की कमी आती है हम थका थका महसूस करते हैं तो बेसिकली आप जो है मेंटली भी

उसना कंसंट्रेट नहीं कर पाते फोकस नहीं कर पाते हमारी मेंटल हेल्थ भी जो है वो अफेक्ट हो रही होती है इसी तरह बहुत सारी रिसर्चस ने यह साबित किया है कि अगर आप लंबा वकफा जो है वो मील्स के अंदर डाल रहे हैं तो आप बहुत ज्यादा रिस्क पर हैं कि

आपको एंजाइटी डिप्रेशन और बहुत सारे मेंटल हेल्थ इश्यूज भी हो सकते हैं क्योंकि यही लंबा वकफा जब हमें लो एलर्जी की तरफ लेकर जाता है और ब्लड शुगर लेवल्स जो है वो लो कर देता है तो बेसिकली हमारा जो स्ट्रेस हार्मोन है कोर्टिसोल वो ज्यादा होना शुरू

हो जाता है तो ये चीज जो है इसको भी हमने माइंड में रखना है लगता है बाजार के खाने बहुत खाते हो जी डॉक्टर साहब मैं ये मेडिसिन प्रिसक्राइब कर रहा हूं वो आप ले लेना अब कोई भी मसला हो तो मरहम से डॉक्टर की ऑनलाइन कंसल्टेशन बुक करो क्योंकि

डॉक्टर से बात होगी अब घर पर फिर इस तरह के जो भी अफराद है जो इस चीज का आदि हो चुके हैं ये बहुत लंबा वकफा करते हैं उनका जो मेदे की हेल्थ है यानी कि उनका डाइजेस्टिव सिस्टम है वो भी इफेक्ट होता

है उनकी डाइट में फाइबर जो है वो कम से कम पाया है कि वो फाइबर जो है वो कम ले रहे होते हैं और बहुत ज्यादा जंक फूड का इस्तेमाल जो है वो भी कर रहे होते हैं तो बेसिकली कॉन्स्टिपेशन जो है इन पेशेंट्स में ज्यादा देखने में आती है जो कि बहुत

ज्यादा लंबा वकफा करते हैं क्योंकि आप ये देखें जब लंबा वकफा होगा तो आपका जो है आपके हंगर अ जो क्यूज है वो भी इफेक्ट होंगे और हंगर क्यूज जब हमारे इफेक्ट होंगे तो हमारी जो कुदरती भूख है वो अक्सर इमोशनल ईटिंग में भी तब्दील हो जाएगी और हम बहुत ज्यादा

माइंडसर्रे फ ओवरईटिंग का भी शिकार हो सकते हैं यानी कि उस वक्त हमारी बॉडी जो है हमारा दिमाग जो है वो बॉडी को सिग्नल दे रहा होता है कि हमने काफी अर्से से कुछ नहीं कहा है तो वो चीज हम ओवरईटिंग की तरफ

चले जाते हैं और वो जो भी आप जो है उस टाइम खा रहे होते हैं वो जरूरत से ज्यादा जो है वो भी खाया जा रहा है फिर इसके अलावा जो बहुत इंपॉर्टेंट चीज जिसको हम इग्नोर नहीं कर सकते वो मेटाबॉलिक सिंड्रोम है यानी कि स्किपिंग मील्स या

लंबा अरसा जो हम मील्स में गुजार रहे होते हैं वो हमरे मेटाबॉलिक सिंड्रोम की तरफ लेके जाता है मेटाबॉलिक सिंड्रोम का मतलब ये है कि सिंड्रोम मींस मिक्सचर ऑफ सिमटम्स मे मेटाबॉलिज्म के हिसाब से तो हमारा मेटाबॉलिज्म इतना डिस्टर्ब हो जाता है स्लो हो जाता है कि बहुत सारी चीजें

इकट्ठी होकर उसका भी हम शिकार हो सकते हैं यानी कि ब्लड प्रेशर लो हो सकता है शुगर लेवल्स भी लो हो सकते हैं हमारे दिल की धड़कन जो है वो इरेगुलर हो सकती है हमें हेडेक्स हो सकती हैं हम माइग्रेन का शिकार हो सकते हैं तो ये सब सारी चीजें ज आपका

कब शिकार होंगे जब आप बहुत ज्यादा लंबा वकफा करेंगे मील्स के दौरान तो मील्स के टाइमिंग्स का ध्यान रखना बहुत ज्यादा जरूरी है और हम क्या खा रहे हैं किस तनास से खा रहे हैं इसका तायन करना बहुत ज्यादा जरूरी है और अगर आप इसके बारे में अपनी

डाइट में क्या खा रहे हैं और कितने वक्फ से आपको खाना है इसके बारे में अगर आप मशरा लेना चाहते हैं तो आप मरहम के प्लेटफार्म पे ऑनलाइन या फिजिकल मेरे साथ अपॉइंटमेंट बुक करा सकते हैं थैंक यू सो मच