छुप गई वो गुलनार जोगी जी सुना है संसार बिना उसे रंग लगाए जोगी जी वाह जोगी जी ये फागुन लौट ना जाए जोगी जी वाह जोगी जी जोगी जी कोई ढूंढे मूंगा कोई ढूंढे मोतिया हम ढूंढे अपनी जोगनिया को जोगी जी ढूंढ के ला दो जोगी