उड़े खुली आसमा में ख्वाबों के [संगीत] परिंदे उड़ दिल के जहां में ख्वाबों के परिंदे ओ हो क्या पता जाएंगे कहां खुली है जो पर कहे ये नजर लगता है अब है जागे हम फिकरी जो थी पीछे रह गई निकले उनसे आगे हम