Mutton karahi is a tantalizing dish originating from the Indian subcontinent, particularly cherished in Pakistan. Bursting with robust flavors and aromatic spices, this culinary masterpiece embodies the essence of traditional cooking.
With its rich aroma and bold flavors, mutton karahi is not just a dish—it’s an experience, a journey through the culinary heritage of Pakistan. Each bite is a celebration of tradition, a testament to the enduring allure of authentic cuisine.
Ingredients:
Mutton 1kg
Onions 2medium around 200gms
Salt 1tsp or 12gms
Ginger 1tbs or 10gms
Garlic 6cloves or 20gms
Hot Water 1cup or 240ml
Tomatoes 3medium or 250gms
Oil/Ghee 1/2cup or 120ml
Red Chili 1/2tsp or 2gms
Yoghurt 1cup or 240ml
Cumin 1tsp or 5gms
Coriander 1tsp or 3gms
Black Pepper 1tsp or 5gms
Green Chilies for garnish
Ginger Julien for garnish
बिस्मिल्लाह रहमान रहीम अस्सलाम वालेकुम मुझे एक दोस्त का फोन आया और उन्होंने मुझे कहा कि यार अफजल भाई आपने अपने चैनल पे मटन कढ़ाई की प्रोफेशनल रेसिपी नहीं दी हुई अब कढ़ाई आपने चिकन भी बनाई है बीफ भी बनाई है मैंने उन्हें कहा कि यार बीफ कढ़ाई का वही सेम तरीका है उसी तरीके से बना ले उन्होंने कहा नहीं आप मटन कढ़ाई की परफेक्ट रेसिपी मुझे जिस तरह रेस्टोरेंट वगैरह में आप बनाते रहे हैं या बनाते हैं और अगर घर में बनाते हैं उससे कोई अच्छी रेसिपी है तो वो मेरे साथ शेयर कीजिए लेकिन परफेक्ट मटन कढ़ाई होनी चाहिए मैंने कहा ठीक है जी फिर बनाऊ मैं लेकिन मैं वीडियो बनाऊंगा आपको इस तरह रेसिपी नहीं दूंगा ताकि मेरे सारे जो बाकी व्यूवर्स हैं वो भी इस रेसिपी को देखें और एंजॉय कर सकें रेसिपी तो बहुत सादा है लेकिन मैं आपको इस तरीके से बताऊंगा कि गलती की गुंजाइश ना रहे क्योंकि मटन है अगर रेसिपी में ऊंच नीच होती है तो नुकसान ज्यादा होगा अगर रेसिपी अच्छी नहीं बनेगी क्योंकि गोश्त महंगा है तो परफेक्ट होनी चाहिए इसका जो पैसा है वो वसूल होना चाहिए तो यहां पे मैंने 1 किलो मटन लिया है 1 किलो मटन कढ़ाई बनाएंगे और साथ-साथ मैं आपको यह बता दूं कि बहुत सारे लोग पूछते हैं कि यार ये आप लहरी स्टाइल बना रहे हैं या कराची स्टाइल बना रहे हैं तो मैं फर्क थोड़ा सा आपको बता देता हूं इलाकों के हिसाब से फर्क आता है जैसे आप पिशा चले जाए जो पख्तून कल्चर है उसमें ज्यादातर खुश्क गोश्त खाया जाता है ग्रेवी नहीं होती उसमें बहुत कम होती है आगे बहुत सारी पख्तून रेसिपीज भी आ रही हैं और तुर्किश रेसिपीज भी आएंगे इंशाल्लाह ईद से पहले-पहले अगर आप लाहौर साइड प चले जाएं तो वहां पे मसालेदार एक ग्रेवी के साथ गोश्त बनता है इसी तरह कराची साइड पे या आप बहुत सारे और भी इलाके हैं तो डिफरेंट इलाकों के हिसाब से डिफरेंट है तो आज हमने हमने लाहौरी मटन कढ़ाई बनानी है वो चटखारे दार क्योंकि वो बंदा जिसने मुझे रिक्वेस्ट की है वो लाहौर से है यहां पे मैंने 1 किलो मटन लिया है जिसमें कुछ हिस्सा दस्ती का है कुछ हिस्सा चाप का है गोश्त को मैंने धोया है मैंने आपको बहुत सारी रेसिपीज में बताया है कि गोश्त को नहीं धोना लेकिन इसको मैंने क्यों धोया है ये देखें इधर जरा यह गोश्त है जिसको धोया गया है इसकी आप हालत देखें यह सफेद हो गया और यह वो गोश्त है जिसको नहीं धोया गया ये देखें ये लाल है गोश्त अब गोश्त को क्यों धोना है या क्यों नहीं धोना है मैंने क्यों धोया इसको उसकी वजह यह है कि अगर तो आप गोश्त देख रहे हैं कि अच्छी साफ सुथरी जगह पे कट रहा है जैसे कुर्बानी का गोश्त होता है तो लोग हमेशा यही कोशिश करते हैं यार साफ सुथरी जगह पे बना हुआ गोश्त होना चाहिए मट्टी नहीं होनी चाहिए जो लकड़ी जिस लकड़ी पे काटा जा रहा है वो गोश्त के साथ नहीं लगनी चाहिए तो अगर तो आपका गोश्त हो साफ तो नहीं धोना प्रायोरिटी यही है लेकिन अगर आप देखते हैं कि गोश्त के साथ लकड़ी के टुकड़े हैं कुछ बाल हैं तो फिर उसको धोना जरूरी हो जाता है क्योंकि सफाई भी होनी चाहिए और सफाई वैसे भी निस्फ मान है ये गोश्त हमने डालना है प्रेशर कुकर में इसको गलाने के लिए तो 1 किलो ये जो मटन है ये कुकर में डालना वैसे खुला रख के भी पकाया जाता है लेकिन फिर बहुत टाइम लगेगा उसमें और एक और टिप है कि आप जब इस गोश्त को धोए ना तो इसको जाली पे रखें फिर इसका जो पानी है वो निकल जाएगा और जब थोड़ा पानी निकल जाए तो उसके बाद पकाना शुरू करें वरना जब इसको आप गलाने के लिए रखेंगे तो ये अपना पानी बहुत छोड़ देगा अंदाजा नहीं होगा सही तरीके से तो यहां पे दो अदद प्याज है मेरे पास कटी हुई दरमियानी साइज की तो ये दो अदद प्याज इसमें शामिल कर ले मोटी मटी काट ले रफल काट ले साबुत डाल ले कुकर के अंदर गल जाएंगी इजली अब ये देखें ये 1 इंच तकरीबन अदरक है और यह कोई छह सात जवे लहसुन के हैं तो लहसुन हम इसमें ऐसे ही शामिल कर सकते हैं ये गल जाएगा लेकिन जो अदरक है इसको कूट के डाल ये गलेगी नहीं इसमें ये साबुत रह जाएगी फिर यह कढ़ाई के अंदर आएगी मजा नहीं आएगा तो इसको कूट के क्रश कर ले और फिर शामिल करें अच्छा अदरक को क्रश करके आपने ये तकरीबन एक टेबल स्पून के बराबर बनेगा ये अदरक भी इसके अंदर आप शामिल कर लें नमक शामिल करेंगे इसमें एक टीस्पून 1 किलो गोश्त है एक टीस्पून नमक बिल्कुल बराबर होगा इसमें बहुत सारे लोग हैं उनसे नमक का हिसाब नहीं लगता अगर वो रेसिपी को देखें और उसमें नमक बताया जा रहा हो हसबे जायका तो समझ नहीं आती कितना होगा तो आप 1 किलो बीफ 1 किलो मटन ले रहे हूं 1 किलो चिकन भी हो तो ये चाय वाला छोटा चमचा होता है ये चाय वाली छोटी चम्मच है और यह टेबल स्पून है बड़ा देखें फर्क इसमें कम होता है लेकिन यह वाली चम्मच एक टीस्पून ये काफी रहेगी नमक की अब इसमें हमने पानी शामिल करना है और कोशिश करें कि पानी आपका गर्म हो गर्म पानी डालेंगे तो गोश्त के अंदर झाग कम बनेगी एक कप पानी डालें या कोशिश करें कि पानी कम से कम गोश्त में डालें क्योंकि घर के अंदर सबसे बड़ा जो मसला आता है कुकर के बाद जब हम कढ़ाई को पकाना शुरू करते हैं तो पानी खुश्क नहीं होता ये रेस्टोरेंट्स वगैरह में यह मसला बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि वहां पे बड़े वो जेट वाले चूल्हे होते हैं उन पे तो एक मिनट में फुल चूहा करें तो सारा पानी खुश्क हो जाता है घर में नहीं हो सकता फिर वो गोश्त गलता रहेगा साथ-साथ और भटियां टूट जाती हैं इसको एक दफा हिला दें ताकि नमक जो है ना वो इसके अंदर मिक्स हो जाए अच्छी तरह इसको चूल्हे पे लेके आके इसके नीचे आग जला ले जब इसके अंदर एक उबाल आना शुरू हो जाए अगर हमने गर्म पानी डाला है तो यह उबाल जल्दी आने लगेगा तो आपने गोश्त को एक दफा इस तरह हिला देना है दोबारा से और ये कुकर का ढक्कन आपने ऊपर से लगा देना है अभी तक देखिए मैंने आग नीचे तेज ही रखी हुई है बिगिनर्स को नहीं पता होता कि कुकर कैसे यूज करना है तो उनके लिए मैं बता देता हूं कि जैसे ही इसके अंदर स्टीम बनना शुरू हो जाए अब स्टीम निकलना शुरू हुई है तो हमारा टाइमर स्टार्ट होगा साथ ही मैं आग स्लो कर दूंगा अब जो टाइम है ना इसका वो गोश्त के गलने तक है 13 से 14 मिनट काफी होंगे छोटे जानवर का गोश्त है इससे जल्दी भी गल सकता है तो चेक कर लिया करें चेक करना बेहतर है इससे कि आपकी पूरी रेसिपी खराब हो जाए इस कुकर के बारे में लोग बहुत ज्यादा पूछते हैं यह कुकर कौन सा है तो यह स्टेनलेस स्टील का क्लिप ऑन कुकर है बहुत सारे ब्रांड्स में आपको मिल जाएगा पाकिस्तान में भी मिल जाए यह शेफ ब्रांड का है आपको अगर मिल जाए तो आप ये खरीद ले किसी और ब्रांड का मिल जाए तो वो भी आप खरीद सकते हैं इसके नीचे मैंने आग बंद कर दी है और यह प्रेशर से भरा हुआ है इस कुकर को खोलने के भी दो तरीके हैं एक तो सिंपली इसको इस तरह उठाएं और पानी के नीचे रख दें स्टीम खुद बख ठंडी हो जाएगी प्रेशर रिलीज हो जाएगा दूसरा तरीका यह है इस तरह स्टीम निकाले लेकिन बेहतर तरीका है ऊपर पानी डाल के इसको ठंडा कर ले ये देखि हमने एक कप पानी डाला था तो इसके अंदर पानी वो उसी तरह ही है गोश्त जो है वो गल गया है क्योंकि अभी इसने पकना भी है आगे कढ़ाई में तो यहां पर अगर आपका गोश्त 50 90 फीस भी गला हुआ है थोड़ी कसर बाकी है कोई मसला नहीं है इसको हम जब कढ़ाई में पकाए तो यह पक जाएगा आगे गोश्त हमने गला लिया है अब यह गोश्त कढ़ाई में जाएगा असल में अगर आपने मटन कढ़ाई या चिकन कढाई कोई भी कढ़ाई बनानी है तो इस तरह लोहे की कढ़ाई की जरूरत पड़ेगी जिस तरह होटलों के अंदर होती है यह कड़ाई इस तरह लोहे की बनी होती है यह देखें इसकी थिकनेस थोड़ी ज्यादा होती है होटलों के अंदर चूल्हे होते हैं हैवी उनके नीचे आग तेज होती है तो मसाला जलने से बच जाता है इस कढ़ाई के अंदर जलता नहीं है साथ में इसका एक ढक्कन होता है एक ये वाला चम्मच होता है इस चम्मच का ये फायदा है कि जब आप इस गोश्त को हिलाए तो बोटिया टूटें नहीं अगर कोई नॉर्मल लकड़ी का या दूसरा चमचा हो इस तरह का तो इससे बोटी टूट जाती है इससे सिर्फ हिलती है साथ में एक ये चीज आपको चाहिए कढ़ाई को पकड़ने के लिए इसके कुंडे नहीं है तो जब इसको उठाना हो पकड़ना हो हिलाना हो तो ये चीज इस्तेमाल होती है ये सारी चीजें आपके पास नहीं है तो आपने डिस्ड नहीं होना आपके पास जो चीज अवेलेबल है इसको ट्राई लाजमी कीजिए इन चीजों से यह है कि जाइका थोड़ा बेहतर आता है टेस्ट आता है लुक आती है प्रेजेंटेशन आती है अब इस गोश्त को हम ट्रांसफर कर लेंगे कढ़ाई में और यह लहसुन देखें ना हमने साबुत शामिल किया था तो ये इतना गल चुका है कि जैसे ही हम इसको हिलाना शुरू करेंगे ये मैश हो जाएगा कढ़ाई में ये चीजें शामिल करके आग नीचे तेज रखनी है और इसको दोबारा से एक उबाल आने तक आपने पकाना है तीन अदद टमाटर दरमियान से काटा हुआ है यह टमाटर इसके ऊपर आपने इस तरह लगा देना है और इसको ऊपर से आपने ढक देना है और सात से आ मिनट इसी तरह ढक के पकाना है दरमियानी सी आग प तकरीबन सात से आ मिनट के बाद अब इसको खोले और चेक करें कि यह जो टमाटर है ना ये नरम हुए या नहीं हुए ये देखें बिल्कुल ये बैठ गया नीचे कुछ में अभी कसर बाकी है तो हम इसको थोड़ा टाइम और दे देते हैं ताकि टमाटर अच्छी तरह गल जाए दोबारा से इसको ढक दिया स्टीम में टमाटर आपने गला लेने है आपका काम बहुत आसान हो जाएगा अब देखें टमाटर काफी हद तक गल चुके हैं एक काम आप यह भी करें कि यह जो छिलके हैं ना इनको ऊपर से उठा ले य अब यह छिलकों के बगैर जो टमाटर है यह इतने नरम हो जाएंगे कि जैसे ही आप इसको इस कढ़ाई में लाएंगे तो यह ग्रेवी में चेंज हो जाएंगे अब आपने आहिस्ता आहिस्ता इस कढ़ाई को इस तरह हिलाना है यहां पर यह चम्मच काम आता है कि आपकी बोटी जितनी ज्यादा नरम हो ये टूटेगी नहीं अब आपने यहां पे ये देखना है कि इस कढ़ाई को आप देखें गौर से तो जो पानी है ना वो एक थिक ग्रेवी में सॉस में चेंज हो गया है ये देखें ये सॉस बनी हुई है ये देखें इसमें प्याज है टमाटर घुल चुकी है लहसुन है सारे गोश्त की यखनी है पूरा फ्लेवर है और जो बोटिया है यह थोड़ी बाहर है मतलब ये बिल्कुल पतले पानी से भरी हुई कढाई नहीं है कुकर से निकाल के कढ़ाई में डाले हुए तकरीबन 12 से 15 मिनट गुजर चुके हैं इसमें आधा कप आपने घी शामिल करना है घी या ऑयल इसकी फ्राइंग शुरू होगी इसकी बुनाई शुरू होगी इस कढ़ाई की घी डाल के इसको हिलाते हुए तेज आग प पकाना इसमें हमने मसाले डालने हैं बिल्कुल थोड़े से तो आधी टीस्पून लाल मिर्च डाल के इसकी फ्राइंग करेंगे और लाल मिर्च हमेशा घी के बाद डालनी है जब इसकी भुना होगी बस इस तरह हल्का हल्का हिलाए ताकि सारी कढ़ाई सारी ग्रेवी अच्छी तरह भून सके जैसे जैसे इस कढ़ाई की भुना होगी ना यह जो ग्रेवी है वोह भी गाढ़ी होगी बस आपने वेट करना है कि यह हल्का हल्का साइडों पर ऑयल छोड़ना शुरू कर दे उससे ज्यादा नहीं पकाना फिर इसको अब जैसे यह तकरीबन भु चुकी है इसमें 30 सेकंड 40 सेकंड और लगेंगे साइडों प ऑयल आ जाएगा और इस पॉइंट पर खास ख्याल रखना है यह साइडों से कढ़ाई जलेगी तो इसको आपने इस तरह साइडों से हिलाना है ताकि यह जले ना और यह जो मसाला साइडों पर लग रहा है उसको भी हटाते रहना अब आपको यहां पर नजर आ रहा होगा कि ऑयल हल्का हल्का अलग होना शुरू हो गया है ऊपर आना शुरू हो गया है मतलब यह सारा मसाला अच्छी तरह भुन चुका है अब हम इसमें एक कप दही शामिल करेंगे दही डाल के भी इसको आपने थोड़ा इस तरह हिला लेना है और जो कढाई है दही डालने के बाद यह होगा कि इसका सारा ऑयल दोबारा से मिक्स हो जाएगा और इस तरह वाइट हो जाएगी यह इस वजह से है कि दही ने अपना पानी छोड़ना है और उसने पकना है अभी पाच से सात मिनट इसको दोबारा से अपनी शक्ल आने में लगेंगे और कढ़ाई के अंदर जो सबसे एक अहम चीज है ना वह दही भी है आप बाजार से दही लेके इसमें डाल देंगे अगर उसका जायका खराब होगा तो पूरी कढ़ाई खराब हो जाएगी मैं कोशिश करता हूं कि घर का बना हुआ खुद जमाया हुआ जो दही है वही कढ़ाई के अंदर डाला जाए तो आप भी यही कोशिश करें अच्छा दही होना चाहिए ताजा दही के साथ भी कुछ मसाले जाते हैं जैसे कि जीरा एक टीस्पून जीरा डालें यह वह मसाले हैं जिनको हमने ऑयल में नहीं फ्राई करना होता तो यह दही के बाद जाते हैं एक टीस्पून धनिया अब इसमें जाएगी ब्लैक पेपर ये मैंने ब्लैक पेपर को कूटा है और आपको दिखाने के लिए इस वाइट प्लेट में रखा है ताकि आपको नजर आए कि यह मोटी ब्लैक पेपर है पिसी हुई नहीं डालनी उससे कढ़ाई का रंग काला हो जाएगा तो यह पौना टीस्पून से लेके एक टीस्पून तक आप डाल सकते हैं ज्यादा ब्लैक पेपर पसंद हो तो एक टीस्पून वरना पौना टीस्पून मोटी कुटी हुई काली मिर्च डालने अब इस कढाई को हमने यहां पर दोबारा से इस तरह हिलाते हुए पकाना शुरू करना है ताकि यह मसाले जो है दही के साथ अच्छी तरह कुक हो और कढ़ाई अपना ऑयल दोबारा से छोड़ना शुरू करेगी अभी देखें इसका ऑयल निकल आया है यह कढ़ाई बिल्कुल रेडी होने के करीब है एक से दो मिनट इसको चाहिए कटी हुई सबज मिर्चे हैं यह अपने टेस्ट के हिसाब से डालनी है कुछ लोगों को यह मिर्च पसंद होती है ज्यादा तो वह ज्यादा डलवा हैं कुछ कम बिल्कुल बारीक कटी हुई अदरक है जिसको मैंने पानी में रखा हुआ था यह भी अपने टेस्ट के हिसाब से होता है क्योंकि यह गार्निश है ज्यादा पसंद हो तो ज्यादा डाले साथ में कुछ सबज धनिया है थोड़ा सा सबज धनिया डाले और यह जी आपकी बेहतरीन कढ़ाई तैयार है इसको लगाएंगे हम दम बिल्कुल हल्की आंच कर लेनी है इस पॉइंट पर और ढक के रख देना है तकरीबन तीन चार मिनट के लिए अगर आपको लगे कि ग्रेवी सूख रही है तो आग आप बंद भी कर सकते हैं क्योंकि यह कढ़ाई गरम है चूल्हा गरम है तो दम इसको वैसे ऑटोमेटिक लग जाएगा कढ़ाई बिल्कुल र है एक आखरी चीज आप इस पर थोड़ा गरम मसाला स्प्रिंकल कर सकते हैं अगर आपको पसंद हो मुझे यह इसी तरह सादा पसंद है तो इसको सादा ही रखेंगे इसको थोड़ा सा निकालते हैं और टेस्ट करते हैं रोटी के साथ ट्राई करते हैं इसको क्योंकि तंदूरी रोटी और कढाई का जो कॉमिनेशन है ना व बड़ा कमाल का है और यह मीट देखें गला हुआ बेहतरीन गोश्त इतना गला हो कि बोटी घुले ना कढाई के अंदर मुंह के अंदर डाले तो च बानी ना पड़े य देख और यह जो ग्रेवी है ना इसमें टेस्ट करते हैं बिमला या लाजवाब माशाल्लाह बहुत आला दायका है किसी भी अच्छे रेस्टोरेंट को मार दे सकती है आप किसी भी अच्छे रेस्टोरेंट की कढ़ाई खाएं तो उसमें मसाले कम होंगे गोश्त का अपना एक फ्लेवर होगा तो वही चीज आपने घर पे लेके आनी है आप ट्राई करेंगे मैं कहता हूं किसी रेस्टोरेंट प जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी इंशाल्लाह आपको लोग दीवाने हो जाएंगे आपके तो इसको बना के लाजमी ट्राई कीजिएगा और फीडबैक मुझे लाजमी दीजिएगा आप कमेंट्स में फीडबैक लिखते हैं मुझे बड़ा अच्छा लगता है यकीन करें कि आपने रेसिपी ट्राई की और उससे आपको यह रिजल्ट मिला उससे यह होता है कि मुझे बहुत सारी नई चीजें सीखने को मिलती है कि कहां पे और मजीद गलती हो सकती तो इंशाल्लाह आपसे जरूर मिलेंगे किसी अगली वीडियो में तब तक अपना बहुत सारा ख्याल रखिएगा अल्लाह हाफिज
