जो ये दरूदे पाक पढ़ता है उस पर रहमत के 70 दरवाजे खोल दिए जाते हैं सुभान अल्लाह आप भी पढ़ लीजिए सल्लल्लाह अला मोहम्मद सल्लल्लाह अला महम्मद