प्यास लगी थी गजब की मगर पानी में जहर था पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते बस यही जिंदगी भर के मसले हल ना हुए ना नींद पूरी हुई ना ख्वाब मुकम्मल हुए वक्त ने कहा काश थोड़ा और सब्र होता सब्र ने
कहा काश थोड़ा और वक्त होता हुनर सड़कों पर तमाशा करता है और किस्मत महलों में राज करती है सुबह सुबह उठना पड़ता है जिंदगी कमाने के लिए साहे आराम कमाने निकलता हूं आराम छोड़कर दौलत की भूख ऐसी लगी कमाने निकल गए दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए बच्चों में रहने
की फुर्सत ना मिली कभी फुर्सत मिली तो बच्चे खुद कमाने निकल [संगीत] ग
