ू बड़ा के काजल
जड़े आंख में सजा लू तने रे तू छाती के
लगे रही
है ताज बनाल
ने छती के लग रही
है ताज बनाल ने
[संगीत]
पता के कजा में लगे आग सी क्या तेरी