[संगीत]
मेरे
महबूब
कयामत
होगी आज
रुसवा तेरी
गलियों में
मोहब्बत
होगी मेरी
नजर तो गिला करती है मूविंग न टू द सेकंड
डिश तेरे दिल
को सनम तु फ से
शिकायत होगी नाउ आईम एडिंग कॉम महबूब
[संगीत]