[संगीत] गाल गुलाब के पंख के जैसे होठ तेरे मधुशाला है कह दो सभी से आज अभी से आपका ये दिलवाला है ऐसे हंस के दिल में बस के जरा सीने में तो चाहत जगा लीजिए रूप है धूप है काले आंखों में तो चश्मा लगा लीजिए [संगीत]