रातों रात तारा कोई चांद या सितारा कोई
गिर तो उठा लेना ओ सुनियो ने तारा चन पला
होगा चांद शरमीला होगा नथ में लगा
लेना रातो रात सारा कोई चांड या सितारा
कोई गिरे तो उठा लेना ओ सुनियो र काला चब
पला होगा चांद शद पला होगा नथ में लगा
लेना जरा सी सांवरी है वो जरा सी बावरी है
वो वो सुरमे की तरह मेरी
आंखों में ही रहती
है सुबह के ख्वाब से उड़ाई है पलकों के
नीचे छुपाई है मानो ना मानो तुम सोते सोते
ख्वाबों में भी ख्वाब दिखाती
है मानो ना मानो तुम भरी है वो भरी की
कहानियां सुनाती
है खुदाया
