[संगीत]
सताने के मनाने के ये दिन है आसमान के जरा
समझा करो दिलबर तुम्हें मेरी
कसम यही मेरी है मजबूरी सही जाए ना अब
दूरी मेरा क्या हाल है कैसे बताऊं मैं
जमी
होगी गगन होगा